जानें PM Vishwakarma Yojana 2025 की पूरी जानकारी – पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, लोन, टूलकिट, ट्रेनिंग और 17 पारंपरिक व्यवसायों को मिलने वाले फायदे। पढ़ें हिंदी में पूरी जानकारी
🔷 प्रस्तावना
भारत की आत्मा उसकी कारीगरी और शिल्पकला में बसती है। गाँवों और कस्बों में काम करने वाले बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार जैसे कारीगर सदियों से समाज की सेवा करते आ रहे हैं। लेकिन तकनीकी प्रगति और बाज़ार की बदलती दिशा में ये पारंपरिक कौशल हाशिये पर चले गए हैं। सरकार ने इस परिस्थिति को समझते हुए एक महत्वाकांक्षी योजना – प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 2025 की शुरुआत की है।
यह योजना न केवल आर्थिक सहायता देती है बल्कि सामाजिक पहचान, सम्मान और आधुनिक व्यवसायिक प्रशिक्षण भी प्रदान करती है। आइए जानते हैं इस योजना की हर जरूरी जानकारी इस विस्तृत लेख में।
🔍 योजना का उद्देश्य
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य पारंपरिक शिल्पकारों को पुनर्जीवित करना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और स्थानीय से ग्लोबल स्तर तक पहुँचाना है।
मुख्य उद्देश्यों में शामिल हैं:
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पारंपरिक व्यवसायों को संरक्षित और प्रोत्साहित करना।
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हुनरमंद लोगों को आर्थिक सहायता, आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षण देना।
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शिल्पकारों को डिजिटल और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ना।
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समाज में कारीगरों को सम्मानजनक स्थान दिलाना।
🧑🏭 योजना से जुड़े 17 पारंपरिक व्यवसाय
यह योजना उन लोगों के लिए है जो निम्नलिखित 17 पारंपरिक कार्यों से जुड़े हैं:
| क्रम | व्यवसाय का नाम | अंग्रेजी में |
|---|---|---|
| 1 | बढ़ई | Carpenter |
| 2 | लोहार | Blacksmith |
| 3 | सुनार | Goldsmith |
| 4 | कुम्हार | Potter |
| 5 | राजमिस्त्री | Mason |
| 6 | नाई | Barber |
| 7 | धोबी | Washerman |
| 8 | दर्जी | Tailor |
| 9 | माली | Gardener |
| 10 | मछुआरा | Fisherman |
| 11 | मोची | Cobbler |
| 12 | ताला-चाबी बनाने वाला | Locksmith |
| 13 | खिलौना निर्माता | Toy Maker |
| 14 | चर्मकार | Leather Worker |
| 15 | धातु बर्तन निर्माता | Metal Utensil Maker |
| 16 | झाड़ू बनाने वाला | Broom Maker |
| 17 | मूर्ति निर्माता | Sculptor |

💡 योजना की विशेषताएँ
| सुविधा | विवरण |
|---|---|
| निःशुल्क टूलकिट | ₹15,000 मूल्य तक के आधुनिक औजार |
| सरकारी मान्यता | विश्वकर्मा ID कार्ड और प्रमाणपत्र |
| लोन सुविधा | ₹1 लाख (पहला चरण), ₹2 लाख (दूसरा चरण) – 5% ब्याज दर पर |
| डिजिटल ट्रेनिंग | आधुनिक स्किल्स, डिजिटलीकरण और व्यवसाय संचालन |
| मार्केट एक्सेस | ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने की सुविधा |
| UPI प्रोत्साहन | ₹1 से ₹100 तक का कैशबैक |
📋 पात्रता मानदंड
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भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।
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आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
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पारंपरिक कार्यों में लगे व्यक्ति हों।
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किसी अन्य सरकारी स्वरोजगार योजना का लाभ न लिया हो।
📲 आवेदन कैसे करें?
ऑनलाइन प्रक्रिया:
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आधिकारिक वेबसाइट खोलें: https://pmvishwakarma.gov.in
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“Apply Now” बटन पर क्लिक करें।
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आधार कार्ड और मोबाइल OTP से लॉगिन करें।
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आवश्यक जानकारी भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें।
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आवेदन सबमिट करें और एप्लिकेशन नंबर सुरक्षित रखें।
ऑफलाइन प्रक्रिया:
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नजदीकी CSC (Common Service Center) या ग्राम पंचायत कार्यालय में जाकर फॉर्म भरें।
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साथ में आवश्यक दस्तावेज़ लेकर जाएं।
PM Vishwakarma Yojana 2025 की पूरी जानकारी जरूरी दस्तावेज़📄
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आधार कार्ड
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मोबाइल नंबर
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बैंक पासबुक की कॉपी
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व्यवसाय का प्रमाण (स्थानीय निकाय से)
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पासपोर्ट साइज फोटो
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जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
🛠️ टूलकिट वितरण की प्रक्रिया
हर व्यवसाय के अनुसार अलग-अलग टूलकिट तैयार की जाती है। उदाहरण के लिए:
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दर्जी को सिलाई मशीन, कैंची, मीटर आदि।
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बढ़ई को हथौड़ा, रंदा, स्क्रू ड्राइवर।
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लोहार को धौंकनी, चिमटा, हथौड़ा।
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सुनार को तराजू, नक़्क़ाशी के औज़ार आदि।
ये सभी औजार सरकार द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं।
📚 प्रशिक्षण का महत्व
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5 से 7 दिन का व्यावसायिक प्रशिक्षण
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हर दिन ₹500 का वजीफा
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प्रशिक्षण के बाद प्रमाणपत्र
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उत्पादों की ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स प्रशिक्षण, ग्राहक सेवा कौशल
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डिजिटल लेन-देन जैसे UPI, QR कोड आदि की जानकारी
📊 योजना का प्रभाव और लाभ
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स्वरोजगार को बढ़ावा
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
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शहरी झुग्गियों में रहने वाले कारीगरों को सम्मान
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पारंपरिक उत्पादों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान
🧪 उदाहरण: कैसे बदली योजना ने किस्मत?
राजस्थान के टोंक जिले के हसन मियां, एक दर्जी थे जो पुराने औजारों से काम करते थे। योजना के तहत उन्हें नई सिलाई मशीन और प्रशिक्षण मिला। आज वो ऑनलाइन ऑर्डर लेते हैं और महीने में ₹30,000 से अधिक कमा रहे हैं।
🔁 अन्य योजनाओं से तुलना
| योजना | विश्वकर्मा योजना | मुद्रा योजना | स्टार्टअप इंडिया |
|---|---|---|---|
| टारगेट | पारंपरिक कारीगर | सभी व्यवसाय | टेक स्टार्टअप |
| लोन राशि | ₹3 लाख | ₹10 लाख तक | कोई फिक्स नहीं |
| ब्याज दर | 5% | 8-12% | निर्भर करता है |
| टूलकिट | हाँ | नहीं | नहीं |
| ट्रेनिंग | हाँ | नहीं | हाँ |
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🗣️ निष्कर्ष
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 2025 की पूरी जानकारी यह सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि भारत के उस असंगठित श्रम क्षेत्र को नई पहचान देने का प्रयास है, जिसे दशकों तक नजरअंदाज किया गया। यह योजना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है।
यदि आप किसी पारंपरिक कार्य से जुड़े हैं या किसी को जानते हैं जो इस क्षेत्र में कार्यरत है, तो उसे इस योजना की जानकारी जरूर दें। यह न केवल उसके लिए बल्कि देश की समृद्ध विरासत के लिए भी जरूरी है।
